Ministry of Electronics & Information Technology
Government of India

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  • Idea Management

    How an Idea Management System can Accelerate Innovation in Government

    Let’s start with a question. How many employee ideas does the Government of India implement per employee per month? What about individual Government departments? Take the case of any Government department/unit you are familiar with, and ask this question (guesstimates would do). 

  • Open-Source

    क्या ओपन सोर्स डिज़िटल इंडिया की सबसे ख़ास रणनीति है?

    डिज़िटल इंडिया की सबसे ख़ास रणनीति अलग-अलग व्यक्तियों की नज़र में अलग-अलग हो सकती है, लेकिन मेरी दृष्टि में डिज़िटल इंडिया की सबसे ख़ास रणनीति ओपन सोर्स से संबंधित वे नीतियाँ हैं जिन्हें भारत सरकार ने पिछले साल जारी किया था। पिछले साल भारत सरकार के संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने ओपन सोर्स से संबंधित तीन नीतियाँ जारी की हैं। ये नीतियाँ काफी व्यापक हैं और एक तरह से गेम चेंजर हैं और भारत के समग्र विकास के लिए काफी मददगार साबित होने वाली हैं। मुझे ताज्जुब होता है कि क्यों डिज़िटल इंडिया का यह पहलू अधिक चर्चा का विषय नहीं बन सका है।

  • Elliptic Curve Cryptography for Mobile Phones

    The need to sign document digitally is increasing,   eReturn and MCA departments are using it very extensively over web interface. But as more and more people have started using Mobile Phones, the time has come to provide Digital Signature and encryption on Mobile Phones.

  • Awareness & Advocacy Workshops at Universities for Digital India by NeGD

    National e-Governance Division, an agency of DeitY,  in association with NSS has conducted awareness workshops on Digital India in 13 universities . Spread across 13 States in the country , these workshops were conducted on 25th Feb 2016 and  attended by more than 200 students in each workshop, university faculty and local dignitaries.

  • नई संभावनाओं की ओर

    राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी ऐतिहासिक भारत यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के रिश्तों में आशा और भरोसे की नींव रखी और कहाँ की डिजिटल इंडिया भारत के हर नागरिक के जीवन की गुणवत्ता में एक वास्तविक सुधार वितरित करेगा। साथ ही उन्होनें यह भी कहा की, मैं विश्वास करता हूँ की इस रिश्ते से अन्य क्षेत्रों के अलावा, आईसीटी और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अपार क्षमता विकसित होगी। भारत पहले से ही आईटी निर्यात का 60%, लगभग 50 अरब डॉलर का कारोबार अमेरिकी बाजार से पूरा करता हैं। अमेरिकी कंपनियां जो पहले से ही भारत में बैकएंड संचालन कर रही है, सभी ने अपना विस्तार करने में रुचि व्यक्त की है।