Government of India Emblem

ई-शासन - प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकारी तंत्र में सुधार

सरकारी सेवाओं के वितरण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकारी प्रक्रियाओं को सरल और अधिक कुशल बनाना आवश्यक है इसके लिए आईटी का उपयोग कर री-इंजीनियरिंग महत्वपूर्ण है, इसलिए विभिन्न सरकारी डोमेन और सभी मंत्रालयों/विभागों द्वारा इसे कार्यान्वित किया जाना चाहिए।

Pillar4

प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकारी तंत्र में सुधार के लिए प्रमुख सिद्धांत निम्नलिखित हैं:

  • फॉर्म का सरलीकरण और आकार में कमी- फार्म को सरल एंव उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया जाना चाहिए और केवल न्यूनतम और आवश्यक जानकारी एकत्र किया जाना चाहिए।
  • ऑनलाइन एप्लिकेशन और ट्रैकिंग - ऑनलाइन एप्लिकेशन और स्थिति ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए।
  • ऑनलाइन संग्रह - प्रमाण पत्र, शैक्षणिक डिग्री, पहचान दस्तावेजों आदि के लिए ऑनलाइन संग्रह का प्रयोग। जिससे नागरिकों को खुद भौतिक रूप से प्रस्तुत होकर इन दस्तावेजों को प्रस्तुत करने की आवश्यकता न हो।
  • सेवाओं और प्लेटफार्मों का एकीकरण - सेवाओं और प्लेटफार्मों का एकीकरण उदाहरण. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) का आधार प्लेटफार्म, भुगतान गेटवे, मोबाइल सेवा प्लेटफार्म, नागरिकों और व्यवसायों में सेवा डिलीवरी की सुविधा के लिए राष्ट्रीय और राज्य सेवा डिलिवरी गेटवे (एनएसडीजी/एसएसडीजी) के रूप में ओपन एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) और मिडलवेयर के माध्यम से डाटा के आदान-प्रदान के लिए इसे एकीकृत और अंतःप्रचालनीय किया जाना चाहिए।

Pillar4-Good-Governance

सभी डेटाबेस और जानकारी को इलेक्ट्रॉनिक रूप में होना चाहिए न की मैनुअल रुप में। सरकारी विभागों और एजेंसियों के अंदर कार्यप्रवाह को सक्षम करने के लिए सरकारी प्रक्रियाओं को स्वचालित किया जाना चाहिए और साथ ही नागरिकों को इन प्रक्रियाओं की दृश्यता की अनुमति देनी चाहिए। आईटी, को स्वचालित रूप से डेटा का विश्लेषण, जवाब और समस्याओं की पहचान करने एंव हल करने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।  इसे सुधार की प्रक्रिया के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

Communication-beyond-language

Top