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शीघ्र कटाई कार्यक्रम

शीघ्र कटाई कार्यक्रम में मूल रूप से उन परियोजनाओं को कार्यान्वित किया जा रहा हैं जिन्हें कम समय के भीतर लागू किया जाना है। अर्ली हार्वेस्ट कार्यक्रम के तहत निम्नलिखित परियोजनाएं हैः

संदेशों के लिए आईटी प्लेटफार्म

मास मैसेजिंग एप्लिकेशन को डीईआईटीवाई द्वारा विकसित किया गया है, जिसके तहत निर्वाचित प्रतिनिधियों और सभी सरकारी कर्मचारियों को कवर किया जाएगा। 1.36 करोड़ से अधिक मोबाइल फोन और 22 लाख ई-मेल इस डेटाबेस का हिस्सा हैं। इस पोर्टल को 15 अगस्त 2014 को जारी किया गया। डेटा संग्रह और डेटा छटाई की प्रक्रियाएं चल रही हैं।

सरकारी शुभकामनाएं ई-शुभकामनाओं के रूप में होंगी

ई-शुभकामना टेम्पलेट्स उपलब्ध कराये गये है। मेरी सरकार मंच के माध्यम से ई-शुभकामनाओं की समूह सोर्सिंग को सुनिश्चित किया गया है। समूह सोर्सिंग को स्वतंत्रता दिवस, शिक्षक दिवस और गांधी जयंती के अवसर पर ई-ग्रीटिंग्स डिजाइन बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया है। ई-ग्रीटिंग्स पोर्टल को 14 अगस्त 2014 को लाइव किया गया।

बॉयोमैट्रिक उपस्थिति

biometric

इसके साथ दिल्ली में केन्द्र सरकार के सभी कार्यालयों को कवर किया जाएगा। 150 संगठनों के 40,000 से अधिक सरकारी कर्मचारियों को पहले ही काँमन बॉयोमैट्रिक उपस्थिति पोर्टल http://attendance.gov.in. (लिंक बाहरी है) पर पंजीकृत किया है। 1000 से अधिक बायोमेट्रिक उपस्थिति टर्मिनलों को वाई-फाई एसेस प्वाइंट और मोबाइल कनेक्टिविटी के साथ जोड़ा जाएगा, जो विभिन्न केन्द्रीय सरकार के भवनों के प्रवेश गेटवे पर स्थापना के अधीन हैं। सरकारी कर्मचारी दिल्ली में केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों में से किसी से अपनी उपस्थिति चिह्नित करने में सक्षम हो जाएगे।

सभी विश्वविद्यालयों में वाई-फ़ाई

राष्ट्रीय सूचना नेटवर्क (एनकेएन) पर सभी विश्वविद्यालयों को इस योजना के तहत कवर किया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) इस योजना को लागू करने के लिए नोडल मंत्रालय है।

सरकार के भीतर सुरक्षित ई-मेल

ई-मेल सरकार के भीतर संचार का प्राथमिक मोड होगा। सरकारी ई-मेल की अवसंरचना को बढ़ाया और उन्नत किया जाएगा। 10 लाख कर्मचारियों के लिए पहले चरण के तहत बुनियादी ढांचे के उन्नयन को पहले ही पूरा कर लिया गया है। दूसरे चरण के तहत, अवसंरचना को 98 करोड़ रु. की लागत से मार्च, 2015 तक 50 लाख कर्मचारियों को कवर करने के लिए उन्नत किया जाएगा। डीईआईटीवाई इस योजना के लिए नोडल विभाग है।

सरकारी ई-मेल डिजाइन का मानकीकरण

सरकारी ई-मेल के लिए मानकीकृत टेम्पलेट्स तैयार रहना होगा। इसे डीईआईटीवाई द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है।

सार्वजनिक वाई-फाई हाँटस्पाँट

1 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और पर्यटन केंद्रों में डिजिटल शहरों को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक वाई-फाई हाँटस्पाँट उपलब्ध कराया जाएगा। योजना को डीओटी और शहरी विकास मंत्रालय (एमओयूडी) द्वारा लागू किया जाएगा।

विद्यालयी पुस्तकों की ई-पुस्तकों के रूप में उपलब्धता

सभी किताबों को ई-बुक में परिवर्तित किया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय/ डीईआईटीवाई इस योजना के लिए नोडल एजेंसियाँ हैं।

एसएमएस आधारित मौसम की जानकारी, आपदा अलर्ट

एसएमएस आधारित मौसम की जानकारी और आपदा अलर्ट मुहैया कराई जाएगी। डीईआईटीवाई की मोबाइल सेवा प्लेटफार्म को इसी उद्देश्य के लिए उपलब्ध कराया गया है। भू-विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) (भारतीय मौसम विभाग - आईएमडी)/गृह मंत्रालय (एमएचए) (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण - एनडीएमए) इस योजना को लागू करने के लिए नोडल संगठन होगें।

खोया और पाया बच्चों के लिए राष्ट्रीय पोर्टल

  1. इसमें खोया और पाया बच्चों पर वास्तविक समय की जानकारी एकत्र करने एंव साझा करने में सुविधा होगी, इसे अपराध की जांच और समय पर प्रतिक्रिया में सुधार करने के लिए एक लंबा रास्ता तय करना होगा। पोर्टल को निम्नलिखित विशेषताओं के साथ री-डिजाइन किया जा रहा हैः

    1. मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना।
    2. पुलिस (बाल कल्याण अधिकारी) के लिए मोबाइल/एसएमएस अलर्ट सिस्टम।
    3. नागरिकों के लिए बेहतर नेविगेशन योजना।
    4. चाइल्ड सेवाओं को एकीकृत करने के लिए सुविधा।
    5. प्रणाली/वेब पोर्टल को लोकप्रिय बनाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग।
  2. डीईआईटीवाई और महिला एवं बाल विकास विभाग (डीओडब्लूसीडी) इस परियोजना के लिए नोडल विभाग हैं।

 

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