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ई-क्रांति - सेवाओं की इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी

ई-क्रांति, डिजिटल इंडिया पहल का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। देश में ई-शासन, मोबाइल शासन और सुशासन की जरूरत को ध्यान में रखते हुए तथा “गवर्नेन्स के कायाकल्प के लिए ई-गवर्नेन्स का कायाकल्प” की दृष्टि से ई-क्रांति के दृष्टिकोण और प्रमुख घटक को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 25/03/2015 को अनुमोदित किया गया है।

सभी नई और वर्तमान में जारी ई-गवर्नेंस परियोजनाओं तथा मौजूदा परियोजनाओं जिनका पुर्नोत्थान किया जा रहा है, अब इन परियोजनाओं को ई-क्रांति के प्रमुख सिद्धांतों अर्थात् 'परिवर्तन न की रूपांतरण', 'एकीकृत सेवाएं न कि व्यक्तिगत सेवाएं', 'प्रत्येक एमएमपी में सरकारी प्रक्रिया में री-इंजीनियरिंग (जीपीआर) को अनिवार्य किया जाना', 'मांग पर आईसीटी बुनियादी सुविधा', ‘डिफ़ॉल्ट रूप से क्लाउड', 'मोबाइल प्रथम', 'फास्ट ट्रैक स्वीकृति', ‘मानक और प्रोटोकॉल अनिवार्य', 'भाषा स्थानीयकरण', 'राष्ट्रीय जीआईएस (भू-स्थानिक सूचना प्रणाली)', तथा 'सुरक्षा और इलेक्ट्रॉनिक डेटा संरक्षण' के अनुरुप होना चाहिए।

ई-क्रांति के तहत 44 मिशन मोड परियोजनाएं अपने कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।

e-kranti 2.0

नोटः ई- ट्रान्ज़ेक्शन कॉउन्ट को ई-ताल (इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन एकत्रीकरण एवं विश्लेषण लेयर) पोर्टल (http://etaal.gov.in (लिंक बाहरी है) से लिया गया है। राष्ट्रीय ई-लेन-देन के आंकड़े और मिशन मोड परियोजनाओं सहित राज्य स्तरीय ई-गवर्नेंस परियोजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए एक वेब पोर्टल है। यह समय-समय पर पास वास्तविक समय के आधार पर वेब आधारित अनुप्रयोगों से लेन-देन के आँकड़े प्राप्त करता है। ई-ताल सारणीबद्ध और ग्राफिकल रूप में लेन-देन की गिनती के त्वरित विश्लेषण को प्रस्तुत करता है।

किसानों के लिए प्रौद्योगिकी

इससे किसानों को वास्तविक समय में कीमत की जानकारी, इनपुट का ऑनलाइन आदेश एंव ऑनलाइन कैस, ऋण और मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से राहत भुगतान प्राप्त करने में सुविधा होगी।

वित्तीय समावेशन के लिए प्रौद्योगिकी

मोबाइल बैंकिंग, माइक्रो एटीएम प्रोग्राम और सीएससी/डाकघरों का उपयोग कर वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ किया जाएगा।

साइबर सुरक्षा के लिए प्रौद्योगिकी

राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वय केन्द्र को देश के भीतर विश्वसनीय और सुरक्षित साइबर-स्पेस सुनिश्चित करने के लिए स्थापित किया जाएगा। Beating-Cyber

शिक्षा के लिए प्रौद्योगिकी - ई-शिक्षा

सभी स्कूलों को ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाएगा। सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में मुक्त वाईफ़ाई प्रदान किया जाएगा (यह कवरेज तकरीबन 250,000 स्कूलों तक होगा)। डिजिटल साक्षरता पर एक राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम लाया जाएगा। ई-शिक्षा के लिए बड़े पैमाने पर ऑनलाइन ओपन पाठ्यक्रम (एमओओसीओस) का विकास और उद्यामन किया जाएगा।

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हेल्थ के लिए प्रौद्योगिकी - ई-हेल्थकेयर

ई-हेल्थकेयर के अन्तर्गत ऑनलाइन चिकित्सा परामर्श, ऑनलाइन मेडिकल रिकॉर्ड, दवाओं की ऑनलाइन आपूर्ति, रोगी की जानकारी का पूरे भारत में आदान प्रदान, आदि को कवर किया जाएगा। इसे 2015 में आरम्भ किया जाएगा और पूर्ण कवरेज 3 साल में प्रदान किया जाएगा।

सुरक्षा के लिए प्रौद्योगिकी

नागरिकों को समय रहते एहतियाती उपाय करने एंव जीवन और संपत्ति के नुकसान को कम करने के लिए मोबाइल आधारित आपातकालीन सेवाएं और आपदा से संबंधित सेवाएं वास्तविक समय के आधार पर प्रदान की जाएगी।

न्याय के लिए प्रौद्योगिकी

अंतःप्रचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली, को कई संबंधित आवेदनों जैसे ई-न्यायालयों, ई-पुलिस, ई-जेलों और ई-अभियोजन द्वारा सुदृढ़ किया जाएगा।

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