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कार्यक्रम प्रबंधन ढ़ांचा

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के लिए कार्यक्रम प्रबंधन संरचना

केंद्रीय मंत्रिमंडल के समर्थन द्वारा डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की कार्यक्रम प्रबंधन संरचना इस प्रकार हैः

  1. डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के प्रभावी प्रबंधन के लिए, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में डिजिटल इंडिया पर निगरानी समिति होगी, डिजिटल इंडिया सलाहकार समूह की संरचना, संचार एंव आईटी मंत्री और कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक शीर्ष समिति की अध्यक्षता में हुई। संरचना को लागू करने के लिए विभागों/टीमों द्वारा विभिन्न परियोजनाओं/घटकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सचिव/ निगरानी/तकनीकी सहायता, शक्ति और जिम्मेदारी का उचित विकेंद्रीकरण है।
  2. कार्यक्रम प्रबंधन संरचना के प्रमुख घटक इस प्रकार होगें:
    1. कार्यक्रम स्तर पर नीतिगत फैसलों के लिए आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए)
    2. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में डिजिटल इंडिया पर निगरानी समिति, जो नेतृत्व प्रदान करने के लिए प्रासंगिक मंत्रालयों/विभागों के द्वारा प्रतिनिधित्व के साथ गठित कि जाएगी, ये समिति निर्धारित डिलिवरेबल्स एंव माइलस्टोन के साथ समय-समय पर डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के कार्यान्वयन की निगरानी करेगी।
    3. बाहरी हितधारकों के सुझाव जानने, डिजिटल इंडिया के नीतिगत मुद्दों पर निगरानी समिति को जानकारी प्रदान करने और केन्द्र तथा राज्य सरकार के साथ डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए आवश्यक रणनीतिक हस्तक्षेपों पर सरकार को सलाह देने के लिए संचार और आईटी मंत्री की अध्यक्षता में डिजिटल इंडिया सलाहकार समूह की स्थापना। सलाहकार समूह की संरचना में योजना आयोग के प्रतिनिधित्व में एक आवर्ती आधार पर राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों और अन्य मंत्रालयों/विभागों से 8 से 9 प्रतिनिधि शामिल होगें।
    4. कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक शीर्ष समिति का गठन किया जाएगा जो कार्यक्रम की देखरेख, इसके कार्यान्वयन के लिए नीति और रणनीतिक दिशा-निर्देश प्रदान करने के साथ अंतर-मंत्रालयीय मुद्दों को हल करने का कार्य करेंगी। इसके अलावा यह अनुकूल और सेवाओं के एकीकरण से संबंधित विविध पहल और पहलुओं को एकीकृत करेगी और जहाँ भी आवश्यक होगा डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत अन्य पहलों कि एंड टू एंड प्रक्रिया की री-इंजीनियरिंग और एमएमपी की सेवा स्तर का कार्य करेगी।
    5. वित्तीय शक्तियों के प्रतिनिधिमंडल के रूप में परियोजनाओं की मंजूरी/मूल्यांकन के लिए व्यय वित्त समिति (ईएफसी)/गैर योजना व्यय (सीएनई) पर समिति। व्यय सचिव की अध्यक्षता में ईएफसी/सीएनई की मिशन मोड परियोजनाओं/गवर्नेंस पहल में सीसीईए को लागू किया जा रहा है, साथ ही राज्यों की भागीदारी के लिए वित्तीय शर्तों की सिफारिश भी की जाएगी। योजना आयोग के प्रतिनिधि के रुप में ईएफसी और सीएनई दोनों को शामिल किया जाएगा।
    6. डीईआईटीवाई को डिजिटल इंडिया के अंतर्गत विभिन्न मौजूदा और नई ईजीओवी पहलों में सर्वोत्तम कार्यो को साझा करने के लिए एक मंच के रूप में स्थापित करने और डीईआईटीवाई की आईसीटी परियोजनाओं के बारे में विभिन्न सरकारी विभागों को जागरूक करने के लिए सचिव की अध्यक्षता में डिजिटल इंडिया पर मिशन नेताओं की परिषद। एकीकृत परियोजनाओं/ ई-शासन पहल के अंतर-विभागीय, एकीकरण और आंतरिक मुद्दों को कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में डिजिटल इंडिया की शीर्ष समिति द्वारा हल किया जाएगा, एकीकृत परियोजनाओं की तकनीकी मुद्दों को परिषद को मिशन प्रमुखों द्वारा हल किया जाएगा।
    7. इसके अलावा, डिजिटल इंडिया कार्यक्रम में समग्र प्रौद्योगिकी ढ़ाचा, फ्रेमव्रक, मानक, सुरक्षा नीति, वित्तिय रणनीति, सेवा वितरण प्रणाली, आम बुनियादी सुविधाओं के बंटवारे आदि जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है। एक कार्यक्रम के स्तर पर, डिजिटल इंडिया परियोजनाओं की तकनीकी मूल्यांकन के लिए प्रस्ताव डीईआईटीवाई द्वारा किया जा रहा है, परियोजना को इसके लिए ईएफसी/सीएनई के समक्ष रखा जा रहा है। इस मूल्यांकन के मानकों को अपनाने के लिए क्लाउड और मोबाइल प्लेटफार्मों का उपयोग, सुरक्षा पहलुओं, आदि से संबंधित मुद्दों को शामिल किया जाएगा। सचिव, डीईआईटीवाई या उनके प्रतिनिधियों को भी सभी ईएफसी/सीएनई की बैठकों में शामिल किया जा सकता है और वे मिशन मोड परियोजनाओं का अनुमोदन/मूल्यांकन कर रहे हैं। कन्सेप्चूअलाइज़िंग में विभागों को समर्थन प्रदान करने, विकासशील, मूल्यांकन, संबंधित मिशन मोड परियोजनाओं/गवर्नेंस पहल की निगरानी और उन्हें लागू करने के लिए डीईआईटीवाई ने पहले ही एक कार्यक्रम प्रबंधन इकाई, यानि राष्ट्रीय गवर्नेंस प्रभाग (एनईजीडी) कि स्थापना की है।
    8. राज्य स्तर पर डिजिटल इंडिया के संस्थागत तंत्र का विकास मुख्यमंत्री द्वारा डिजिटल इंडिया पर स्टेट कमेटी की अध्यक्षता में किया जाएगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में डिजिटल इंडिया पर राज्य/केन्द्र शासित प्रदेशों के परियोजनाओं के बीच आवश्यक संसाधनों, प्राथमिकता आवंटन का सेटअप और राज्य स्तर पर अंतर-विभागीय मुद्दों को हल करने के लिए राज्य/ केन्द्र शासित प्रदेशों के स्तर पर सर्वोच्च समितियां गठित की जाएगी।
  3. डिजिटल इंडिया की प्रभावी निगरानी के लिए, प्रत्येक नई और मौजूदा मिशन मोड प्रोजेक्ट में प्रगति या वास्तविक समय विवरण की जानकारी के लिए परियोजना प्रबंधन सूचना प्रणाली का उपयोग अनिवार्य होगा। यह उपकरण, परियोजना के प्रत्येक चरण यानि अवधारणा और विकास, कार्यान्वयन और पोस्ट कार्यान्वयन के लिए मानकों की जानकारी प्राप्त करने के लिए पर्याप्त कुशल होना चाहिए। मापदंडों के संबंध में विभिन्न मंत्रालयों/विभागों और डीईआईटीवाई के साथ परामर्श करके फैसला किया जा सकता है।
  4. जब से "ई-क्रांति: राष्ट्रीय गवर्नेंस योजना 2.0" का डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के साथ एकीकृत हुआ है, तभी से राष्ट्रीय और राज्य दोनों स्तर पर राष्ट्रीय गवर्नेंस योजना के लिए स्थापित मौजूदा कार्यक्रम प्रबंधन संरचना को भी राष्ट्रीय और राज्य/केन्द्र शासित प्रदेशों के स्तर पर डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के लिए परिकल्पित किया जा रहा और कार्यक्रम प्रबंधन संरचना के साथ उचित रूप से एकीकृत करने का निर्णय लिया गया है।

राष्ट्रीय स्तर पर संस्थागत व्यवस्था

programme

वर्तमान स्थिति

कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम पर शीर्ष समिति और संचार और सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री की अध्यक्षता में डिजिटल इंडिया पर सलाहकार समूह का गठन किया गया है।

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम पर शीर्ष समिति की पहली बैठक 26/11/2014 को आयोजित कि गयी थी। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम पर शीर्ष समिति की दूसरी बैठक 09/02/2015 को आयोजित कि गयी थी। शीर्ष समिति द्वारा जारी किए गए फैसलों पर कार्रवाई का कार्य किया जा रहा है।

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